जिंदगी भर रुलाये है दुनिया वालोने ….अब मेरे गुस्से की बरी।

गुस्सा बरसो से जल रहा है। ….अब बारी है ठंडा करनेका।

मुश्किल है ज़नाब हमारा गुस्सा … गुस्सा नहीं आग है।

तू किया मुझे समझायेगा मेरे गुस्से को लेकर।…..अच्छा अजा लाइन में लगजा।

गुस्सा मेरी ताकत है इसलिए मुझे गुस्सा मत दिलाना।

मेरा गुस्सा तुम्हारे बातोंपे निर्भर करता है। ….और तुम्हारे बातें तुम्हारे गुस्से पर।

मुझे समझ में नहीं आता कि …लोग खुद के साथ कैसे ठीक हैं, यह जानते हुए कि उन्होंने किसी को… भावनात्मक रूप से नष्ट कर दिया है।